बहुत खुबसूरत हो तुम

कुछ बोलती सी ये आँखे तुम्हारी,
और चेहरा जैसे प्यार की कोई मूरत हो तुम,
होंठ हों जैसे हों गुलाब की पंखुड़ियाँ,
बेहद ही हसीन और बहुत खुबसूरत हो तुम|

मोहब्बत में तेरी खुद को भुलाने को जी चाहता है,

मोहब्बत में तेरी खुद को भुलाने को जी चाहता है,

तुझे दुनिया से बचा के अपने दिल में छुपाने को जी चाहता है,

अपनी साँसों में तो बसा लिया है तुझको मैंने,

अब तो तुझे अपनी रूह में समाने को जी चाहता है |