तेरी ही प्यास है

मेरी इन नज़रो को आज भी तेरी तलाश है,
तेरे बिना ज़िंदगी का हर लम्हा उदास है,
खुद को तो समझा लूँ मगर इस दिल का क्या करूँ ,
हर पल हर लम्हा इसको तेरी ही प्यास है,

किसी को पाकर खो देने से

किसी को ना पाने से, ज़िंदगी खत्म नहीं होती लेकिन,
किसी को पाकर खो देने से, कुछ बाकी भी नहीं रहता|

तुझसे दूर होकर

तुझसे दूर होकर बस, पड़ा है इतना फर्क मुझ पर,
कि अब होठो पर मेरे, हँसी आती नहीं है बस |

आ जा तू लौटकर वापस

कुछ नहीं चाहिए मुझे, तेरे सिवा इस ज़माने से,
आ जा तू लौटकर वापस, मेरी जिंदगी में किसी बहाने से |