मुझे तुझसे भी ज़्यादा है ज़रूरत तेरी

दिल को सुकून देती है सूरत तेरी ,
एक तुझसे ही तो है ज़िंदगी खूबसूरत मेरी,
काश तू जान ले मेरी मोहब्बत को एक बार,
मुझे तुझसे भी ज़्यादा है ज़रूरत तेरी,

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हर दर्द को भूल जाऊँ

कुछ इस कदर मैं, तेरे इश्क में डूब जाऊँ,
के सीने से लगा के तुझे, हर दर्द को भूल जाऊँ|

प्यार कुछ इस कदर तुझसे किया है मैंने

प्यार कुछ इस कदर तुझसे किया है मैंने,
कि तेरी चाहत में खुद को भुला दिया है मैंने,
एक पल भी अब तो रह ना पाऊंगा तेरे बगैर,
सांसो की तरह रूह में तुझको मिला लिया है मैंने

जब किसी को किसी आदत हो जाती है,

आँखों को जब किसी की चाहत हो जाती है,

उसे देख के ही दिल को राहत हो जाती है,

कैसे भूल सकता है कोई एक पल भी किसी को ,

जब किसी को किसी आदत हो जाती है,

मोहब्बत कुछ इस कदर हो जाती है उससे,

के रब से पहले उसकी इबादत हो जाती है,

बस तुम को ही चाहा है, तुमसे ही प्यार किया है,

बस तुम को ही चाहा है, तुमसे ही प्यार किया है,

तुम्हारे सिवा कभी ना, किसी पे ऐतबार किया है,

तुम हो तो सब कुछ है, बिना तुम्हारे कुछ भी नहीं ,

तुम्हे पाने का सज़दा, ख़ुदा से बार बार किया है |

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