साँस बाकी हैं मुझमें फिर भी मर गया हूँ मैं

छोड़ा है जब से उसने साथ मेरा ,
हर एक चीज से जैसे बिछड़ गया हूँ मैं ,

होश नहीं अब कुछ भी बेहोश सा रहने लगा हूँ,
वीरान सा दिखता है अब तो जिधर गया हूँ मैं,

कुछ दर्द उसने दिए कुछ ज़माने से मिले हैं मुझको,
अब तो दर्दो की हर एक हद से गुज़र गया हूँ मैं,

तोडा है उसने मुझे बड़ी शिद्दत से कुछ इस कदर ,
अब ना कभी सिमटूँगा यूँ बिखर गया हूँ मैं ,

बर्बाद किया है उसने मुझे अपनी खुशियो के लिए कुछ ऐसे,
कि साँस बाकी हैं मुझमें फिर भी मर गया हूँ मैं ।

दिलों का सौदा यहाँ, सरेआम होता है

दिलों का सौदा यहाँ, सरेआम होता है,
मोहब्बत का आखिर, ये ही अंजाम होता है |

बसा लेते है हम जिन को, गहराईयों में दिल की,
दिलों को तोडना भी, उन्ही का काम होता है |

मशहूर हो जाते हैं, यहाँ पे बेवफा अक्सर,
वफ़ा करने वाला यहाँ, सदा बदनाम होता है |

दिलों से खेलने वाले, मुस्कुराते हैं हर एक पल,
दिल है टूटता जिसका, वो उम्र तमाम रोता है |

दरख़्त सूख गया है वो, चहकते थे परिंदे जिस पर,
वीराना अब तो यहाँ, सुबह से शाम होता है |