जब कोई अपना साथ नहीं होता 

सिर्फ दिन गुजारने का ही तो नाम नहीं है ज़िन्दगी,
आँखों में आँसू रहते है हर पल जब कोई अपना साथ नहीं होता ।।

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दूर चला आया 

कुछ अपनी ख्वाहिशें हारा, कुछ उसकी गलतियाँ माफ़ कीं,

कुछ इस तरह मैं उसकी खुशियों से, दूर चला आया ।।

दिल में उतर कर नहीं देखा 

मेरे चेहरे से लगाया उसने मेरे किरदार का अंदाजा,

मैं दिल से कैसा हूँ, मेरे दिल में उतर कर नहीं देखा ।।

चकनाचूर हो गये

शीशे की तरह टूटकर चकनाचूर हो गये ,

लग ना जायें किसी को, हम सबसे दूर हो गए !!

नफरत के काबिल भी ना रहा

इस कदर गिरा लिया है उसने खुद को मेरी नजरों में,
कि मोहब्बत तो दूर वो मेरी नफरत के काबिल भी ना रहा |

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