वो मेरे दिल से उतरता गया

लम्हा लम्हा जैसे जैसे गुजरता गया,
मेरा हर एक सपना टूट कर बिखरता गया,
तोड़ा है कुछ इस कदर उस बेवफा ने मुझे,
कि हर याद के बाद वो मेरे दिल से उतरता गया|

ये ज़मीं भी मेरी होती

काश कुछ ऐसा होता कि तू मेरी होती,
तो ये आसमां भी मेरा होता और ये ज़मीं भी मेरी होती |

दिल तोड़ने से पहले

दिल तोड़ने से पहले इतना तो देख लेती ए बेवफा,
कि तेरे लिए इस दिल में मोहब्बत कितनी है |

बेवफा होने की ज़रूरत क्या थी

तू एक बार तो कहती कि तेरी ख्वाहिशे बढ़ गयी हैं,
तुझे बेवफा होने की ज़रूरत क्या थी|

तू बेवफा ना होती

जिंदगी में मेरा भी एक मुकाम होता ,
अगर ए बेवफा तू बेवफा ना होती|

Previous Older Entries