चकनाचूर हो गये

शीशे की तरह टूटकर चकनाचूर हो गये ,

लग ना जायें किसी को, हम सबसे दूर हो गए !!

नफरत के काबिल भी ना रहा

इस कदर गिरा लिया है उसने खुद को मेरी नजरों में,
कि मोहब्बत तो दूर वो मेरी नफरत के काबिल भी ना रहा |

तेरी हर याद पे

पहले तेरी हर याद पे होठों पे मुस्कराहट आ जाती थी,
और आज तेरी हर याद पे आँख भर आती हैं |

बहुत खुबसूरत हो तुम

कुछ बोलती सी ये आँखे तुम्हारी,
और चेहरा जैसे प्यार की कोई मूरत हो तुम,
होंठ हों जैसे हों गुलाब की पंखुड़ियाँ,
बेहद ही हसीन और बहुत खुबसूरत हो तुम|

दिखावे के लिए दोस्त बनाता नहीं हूँ

जलाकर शमाँ दोस्ती की फिर बुझाता नहीं हूँ,
हर किसी से मैं दोस्ती निभाता नहीं हूँ,
जिससे भी करता हूँ दोस्ती दिलो जान से करता हूँ,
सिर्फ दिखावे के लिए दोस्त बनाता नहीं हूँ |

Previous Older Entries